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Shri

baso mere nainan me nandlal_29_09_2014_16_49_50.mp

Raghvendra Parashar

Raghvendra Parashar

Bhagwat ji

kab darshan denge

parashar ji

MUJHKO DEEWANA BANA GAYA RE BY SHRI SANJEEV KRISHNA THAKUR JI

swami dharam dev ji(bhajan)

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Raghvendra Parashar
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MUJHKO DEEWANA BANA GAYA RE BY SHRI SANJEEV KRISHNA THAKUR JI
swami dharam dev ji(bhajan)

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हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे