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श्रीमद्‌भागवत कथा - संजीव कृष्ण ठाकुर जी || नई दिल्ली

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 21 Dec 2015 || Day 1

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 22 Dec 2015 || Day 2

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 23 Dec 2015 || Day 3

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 24 Dec 2015 || Day 4

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 25 Dec 2015 || Day 5

Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 26 Dec 2015 || Day 6

Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 27 Dec 2015 || Day 7

Contents of this list:

LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 21 Dec 2015 || Day 1
LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 22 Dec 2015 || Day 2
LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 23 Dec 2015 || Day 3
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Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 26 Dec 2015 || Day 6
Shrimad Bhagwat Katha by Sanjeev Krishna Thakur Ji - 27 Dec 2015 || Day 7

Bhajan Lyrics View All

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला