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Shri Varmukhi Ji Charitra Bhaktmaal Katha By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana on 30 Jan to 1 Feb 2015.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Contents of this list:

Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Varmukhi ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Bhajan Lyrics View All

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा