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Shri Radhavallabh Patotsav in Madan Ter, Vrindavan by Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 1 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 2 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 4 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 5 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 6 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 7 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 8 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Shri Radhavallabh Patotsav Part 9 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

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Shri Radhavallabh Patotsav Part 1 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 2 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 4 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 5 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 6 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 7 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 8 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji
Shri Radhavallabh Patotsav Part 9 in Madan Ter, Vrindavan By Shree Hita Ambrish Ji

Bhajan Lyrics View All

तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर