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Shri Nityanand Prabhu Ji Charitra Bhaktmaal Katha By Shri Hita Ambrish ji at Maham, Rohtak, Haryana in Feb 2015.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Haryana.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

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राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना