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Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 1 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 2 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 3 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 4 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 5 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 6 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 7 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 8 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 9 By Shree Hita Ambrish ji

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Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 1 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 2 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 3 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 4 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 5 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 6 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 7 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 8 By Shree Hita Ambrish ji
Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav ( Nand Utsav ) Part 9 By Shree Hita Ambrish ji

Bhajan Lyrics View All

बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना