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Navdha Bhakti By Shree Hita Ambrish Ji at Narayana Vihar, New Delhi in Auguest 2015

Navdha Bhakti Part 1 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Part 2 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Part 3 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Part 4 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 5 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 6 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 7 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 8 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 9 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 10 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 11 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 12 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 13 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 14 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 15 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 16 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 17 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 19 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 20 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Part 21 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 22 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 23 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 24 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 25 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 26 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

Navdha Bhakti Katha Part 27 By Shree Hita Ambrish Ji in Narayana Vihar, New Delhi.

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ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।