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Hita ambrish ji

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

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Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.
Shree Krishan Chintan Leela Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish Ji in Budhla Sant Mandir, Hisar.

Bhajan Lyrics View All

श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं