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Gopi Geet Katha By Shri Hita Ambrish ji at Iskcon Mandir, New Delhi in July 2015

Gopi Geet Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 12 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 13 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 14 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 15 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 16 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 17 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 19 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 20 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 21 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 22 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 23 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 24 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopi Geet Katha Part 25 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

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Bhajan Lyrics View All

तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना