Share this page on following platforms.

Home Gurus Hita Ambrish ji

Bhaktmaal Katha (Shri Ravidas Ji ) By Shri Hita Ambrish ji at Rohtak, Haryana in January 2015

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Ravidas ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka