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Bhajan

Radhavallabh Bhajan By Ambrishji Maharaj

Shree Hita Radhashtami Mahotasav Part 9 By Shree Hita Ambrish ji{RaasMandal,Vrindavan}

Gopigeet Part 58 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi

Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali - Full song (With Video) Hum Sab Utaareh Teri Aarti !

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Radhavallabh Bhajan By Ambrishji Maharaj
Shree Hita Radhashtami Mahotasav Part 9 By Shree Hita Ambrish ji{RaasMandal,Vrindavan}
Gopigeet Part 58 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi
Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali - Full song (With Video) Hum Sab Utaareh Teri Aarti !

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एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ