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Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 10 Aug 2015 - 2

Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 04 by Shri Chinmayanand Bapu

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 08 Aug 2015 - 1

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 07 Aug 2015 - 1

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand Bapuji from Vadodara (Guj) 11 Aug 2015 - 1

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 07 Aug 2015 - 2

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 11 Aug 2015 - 3

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 08 Aug 2015 - 2

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 10 Aug 2015 - 3

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 09 Aug 2015

Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 16 by Shri Chinmayanand Bapu

Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 09 by Shri Chinmayanand Bapu

Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 12 by Shri Chinmayanand Bapu

Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 15 by Shri Chinmayanand Bapu

Contents of this list:

Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 10 Aug 2015 - 2
Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 04 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 08 Aug 2015 - 1
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 07 Aug 2015 - 1
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand Bapuji from Vadodara (Guj) 11 Aug 2015 - 1
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 07 Aug 2015 - 2
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Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 08 Aug 2015 - 2
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 10 Aug 2015 - 3
Shrimad Bhagwatkatha by Chinmayanand ji Bapu from Vadodara (Guj) 09 Aug 2015
Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 16 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 09 by Shri Chinmayanand Bapu
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Shrimad Bhagwat Katha - Vadodara 15 by Shri Chinmayanand Bapu

Bhajan Lyrics View All

जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये