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Swami Chinmayanand Bapu speech on 26-03-2013 in Holi Function at DPS Ranipur, Haridwar

What Swami Ramdev is Saying, I agree with it- Chinmayanand Bapu

Rashtriya Sant Shree Chinmayanand Bapu Ji with Swamiji 14 Oct 2012

Pujya Chinmayanand Bapu Ji Speech In Bharat Swabhiman Yatra

Acharya Balkrishna With Chinmayanand Bapu | Shri Madbhagwat katha | 26 April 2015

Contents of this list:

Swami Chinmayanand Bapu speech on 26-03-2013 in Holi Function at DPS Ranipur, Haridwar
What Swami Ramdev is Saying, I agree with it- Chinmayanand Bapu
Rashtriya Sant Shree Chinmayanand Bapu Ji with Swamiji 14 Oct 2012
Pujya Chinmayanand Bapu Ji Speech In Bharat Swabhiman Yatra
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Bhajan Lyrics View All

आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है