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Chinmayananda bapu

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj || Shanti Sivir Ka Nirman || Priya Kanju Mandir

Contents of this list:

Sundarkand - Ram Katha By Shri Chinmayanand Bapu 01
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 07
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 04
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj || Shanti Sivir Ka Nirman || Priya Kanju Mandir
Radha Madhav Nil Mani Re Gopal Muraliya Wale - Chinmayanand Bapu
Ji se dekhi ye ladkhada ne laga he - Chinmayanand Bapu

Bhajan Lyrics View All

वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का