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BHAGVAT CHINMAYANAND BABU

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 19

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 20

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 21

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 22

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 23

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 24

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 25

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 04

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 03

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 02

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 06

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 07

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 08

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 10

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 11

Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 12

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Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 19
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 20
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 21
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 22
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 23
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 24
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 25
Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 04
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Shrimad Bhagwat Katha, Chinmayanand Bapu 12

Bhajan Lyrics View All

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥