Share this page on following platforms.

Home Gurus Swami Mukundanand

Taittriya Upanishad - Swami Mukundanand

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 1/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 2/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 3/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 4/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 5/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 6/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 7/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 8/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 9/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 10/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 11/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 12/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 13/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 14/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 15/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 16/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 17/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part /21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 19/21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 20/21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 21/21

Contents of this list:

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 1/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 2/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 3/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 4/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 5/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 6/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 7/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 8/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 9/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 10/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 11/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 12/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 13/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 14/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 15/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 16/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 17/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part /21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 19/21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 20/21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 21/21

Bhajan Lyrics View All

लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे