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Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 20/21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 19/21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part /21

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 17/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 16/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 15/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 14/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 13/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 12/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 11/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 10/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 9/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 8/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 7/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 6/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 5/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 4/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 3/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 2/

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 1/

Contents of this list:

Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 20/21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 19/21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part /21
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 17/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 16/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 15/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 14/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 13/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 12/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 11/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 10/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 9/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 8/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 7/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 6/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 5/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 4/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 3/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 2/
Taittiriya Upanishad by Swami Mukundananda [Hindi]-Part 1/

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वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम