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Swami Mukundanand Ji

'SADHNA KARU PYARE'- (Episode 2) by Swami MUKUNDANANDA

'SADHNA KARU PYARE'-(Episode-1) by SWAMI MUKUNDANANDA

SADHNA KARU PYARE EPISODE 8

SADHNA KARU PYARE EPISODE-14

SADHNA KARU PYARE EPISODE 20

SADHNA KARU PYARE EPISODE-23

SADHNA KARU PYARE EPISODE-28

SADHNA KARU PYARE EPISODE-35

SADHNA KARU PYARE EPISODE- 38

How to attain Para Bhakti (Divine ) by Swami Mukundananda- 1/6

Why bad things happen to good people? [HANGOUT with Swami Mukundananda]

Contents of this list:

'SADHNA KARU PYARE'- (Episode 2) by Swami MUKUNDANANDA
'SADHNA KARU PYARE'-(Episode-1) by SWAMI MUKUNDANANDA
SADHNA KARU PYARE EPISODE 8
SADHNA KARU PYARE EPISODE-14
SADHNA KARU PYARE EPISODE 20
SADHNA KARU PYARE EPISODE-23
SADHNA KARU PYARE EPISODE-28
SADHNA KARU PYARE EPISODE-35
SADHNA KARU PYARE EPISODE- 38
How to attain Para Bhakti (Divine ) by Swami Mukundananda- 1/6
Why bad things happen to good people? [HANGOUT with Swami Mukundananda]

Bhajan Lyrics View All

जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।