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Patanjali Yoga Sutras By Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part1 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part2 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part3 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part4 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part5 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part6 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part7 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part8 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part9 - Swami Mukundananda

Patanjali Yoga Sutras Part10 - Swami Mukundananda

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Patanjali Yoga Sutras Part1 - Swami Mukundananda
Patanjali Yoga Sutras Part2 - Swami Mukundananda
Patanjali Yoga Sutras Part3 - Swami Mukundananda
Patanjali Yoga Sutras Part4 - Swami Mukundananda
Patanjali Yoga Sutras Part5 - Swami Mukundananda
Patanjali Yoga Sutras Part6 - Swami Mukundananda
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Patanjali Yoga Sutras Part9 - Swami Mukundananda
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राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।