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Mukundanand Swami

Massachusetts Institute of Technology (MIT) - Technology for Mind Management

Stanford University - Science and Spirituality Part 1 of 3

Stanford University - Science and Spirituality Part 2 of 3

Stanford University - Science and Spirituality Part 3 of 3

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Narad Bhakti Darshan by Swami Mukundananda- Part 37

Narad Bhakti Darshan by Swami Mukundananda- Part 37

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'SADHNA KARU PYARE'-(Episode-1) by SWAMI MUKUNDANANDA

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'SADHNA KARU PYARE'-(Episode-1) by SWAMI MUKUNDANANDA

Bhajan Lyrics View All

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥