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Bhakti Shatak Extracts in Hindi By Swami Mukundananda

Reject self gratification to attain devotion - Swami Mukundananda

Faith is the foundation of devotion - Swami Mukundananda

Secret of God's avatar - Swami Mukundananda

Bliss of devotion is the topmost bliss - Swami Mukundananda

No condition required in bhakti - Swami Mukundananda

Contents of this list:

Reject self gratification to attain devotion - Swami Mukundananda
Faith is the foundation of devotion - Swami Mukundananda
Secret of God's avatar - Swami Mukundananda
Bliss of devotion is the topmost bliss - Swami Mukundananda
No condition required in bhakti - Swami Mukundananda

Bhajan Lyrics View All

सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं