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Bhagavad Gita Chapter 12 by Swami Mukundananda in Hindi in April 2015 [video 1 To 7]

Bhagavad Gita in Hindi Chapter 12 - Swami Mukundananda [1/34] - Kalyan ka Marg

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सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥