Share this page on following platforms.

Home Gurus Sri Thakurji

Vrindavan | Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji

Shri Bhagwat Kripa Production

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 01 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 02 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 03 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 04 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 05 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 06 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 7 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 8 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 9 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 10 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 11 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 12 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 13 of 14

Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 14 of 14

Contents of this list:

Shri Bhagwat Kripa Production
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 01 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 02 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 03 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 04 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 05 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 06 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 7 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 8 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 9 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 10 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 11 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 12 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 13 of 14
Vrindavan Shrimad Bhagwat Katha By Thakurji Part 14 of 14

Bhajan Lyrics View All

जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे