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Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bangalore

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 30-01-2014

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 01 || 26-01-2014

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 31-01-2014

Shri Devkinandan ji Maharaj Shrimad Bhagwat katha Bainglore Day 02 || 27-01-2014

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 29-01-2014

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 01-02-2014

Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 03 || 28-01-2014

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Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 30-01-2014
Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 01 || 26-01-2014
Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 31-01-2014
Shri Devkinandan ji Maharaj Shrimad Bhagwat katha Bainglore Day 02 || 27-01-2014
Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 29-01-2014
Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 04 || 01-02-2014
Shri Devkinandan Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Bainglore Day 03 || 28-01-2014

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दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई