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श्रीमद्‌भागवत कथा - श्री ठाकुर जी || नई दिल्ली

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 01

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 02

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 03

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 04

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 05

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 06

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 07

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 08

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 09

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 10

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 11

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 12

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 13

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 14

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 16

Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 15

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Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 01
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 02
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 03
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 04
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 05
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 06
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 07
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 08
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 09
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 10
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 11
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 12
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 13
Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 14
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Shrimad Bhagwat Katha By Shri Thakur Ji - Episode 15

Bhajan Lyrics View All

ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥