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श्रीमद्‌भागवत कथा - श्री ठाकुर जी || नई दिल्ली 13-20 अक्टूबर, 2015

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 13th Oct 2015 || Day 1

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 14th Oct 2015 || Day 2

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 15th Oct 2015 || Day 3

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 16th Oct 2015 || Day 4

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 17th Oct 2015 || Day 5

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 18th Oct 2015 || Day 6

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 19th Oct 2015 || Day 7

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 20th Oct 2015 || Day 8

Contents of this list:

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 13th Oct 2015 || Day 1
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 14th Oct 2015 || Day 2
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 15th Oct 2015 || Day 3
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 16th Oct 2015 || Day 4
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 17th Oct 2015 || Day 5
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 18th Oct 2015 || Day 6
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 19th Oct 2015 || Day 7
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Thakur Ji - 20th Oct 2015 || Day 8

Bhajan Lyrics View All

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥