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Farrukhabad UP !! Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj !! Shrimad Bhagwat Katha

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 01 || 24-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 02 || 25-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 03 || 26-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 04 || 27-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 05 || 28-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 07 || 30-May-2015

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 06 || 29-May-2015

Contents of this list:

Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 01 || 24-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 02 || 25-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 03 || 26-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 04 || 27-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 05 || 28-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 07 || 30-May-2015
Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj Shrimad Bhagwat Katha Farrukhabad UP Day 06 || 29-May-2015

Bhajan Lyrics View All

सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है