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Complete Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 1 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 2 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 4 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 5 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 6 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 7 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 8 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 9 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 10 of 10

Complete Speech By Swami VivekAnand From Chicago USA in 1893

Contents of this list:

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 1 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 2 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 4 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 5 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 6 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 7 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 8 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 9 of 10
Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 10 of 10
Complete Speech By Swami VivekAnand From Chicago USA in 1893

Bhajan Lyrics View All

मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥