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Bhajans and Kirtan By Shri Krishna Chandra Shastri (Thakur Ji Maharaj)

Ha Nath Narayan Vasudev By Thakurji Maharaj

Radhey Radhey Govind By Thakurji Maharaj

Om Namo Bhagvatay Vasudevay By Shri Krishna Chandra Shastri (Thakur Ji Maharaj)

Sri Ramji Hamare By Thakurji Maharaj

Sri Krishn Govind Hare Murari By Thakurji Maharaj

Nam tumhara darshan hara By Thakurji Maharaj

Aartie By Thakurji Maharaj

Contents of this list:

Ha Nath Narayan Vasudev By Thakurji Maharaj
Radhey Radhey Govind By Thakurji Maharaj
Om Namo Bhagvatay Vasudevay By Shri Krishna Chandra Shastri (Thakur Ji Maharaj)
Sri Ramji Hamare By Thakurji Maharaj
Sri Krishn Govind Hare Murari By Thakurji Maharaj
Nam tumhara darshan hara By Thakurji Maharaj
Aartie By Thakurji Maharaj

Bhajan Lyrics View All

वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥