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SunderKand Shri Ramesh Bhai oza ji

Shri Ramesh Bhai oza ji - SunderKand Part 01 Hanuman Jayanti Up. Akhilesh Bilgaiya

Shri Ramesh Bhai oza ji - SunderKand Part 02 Hanuman Jayanti Up. Akhilesh Bilgaiya

Shri Ramesh Bhai oza ji - SunderKand Part 03 Hanuman Jayanti Up. Akhilesh Bilgaiya

Shri Ramesh Bhai oza ji - SunderKand Part 04 Hanuman Jayanti Up. Akhilesh Bilgaiya

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Shri Ramesh Bhai oza ji - SunderKand Part 04 Hanuman Jayanti Up. Akhilesh Bilgaiya

Bhajan Lyrics View All

सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा