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P.P.RAMESHBHAI OZAJI

Shiva Rudrastakam

Shivoham

Giriraj dharan...Rameshbhaiji oza

RAMESHBHAI OZA singing MARA GHATMA BIRAJTA

BHABHUTI RAMAYEE BABA BHOLENATH Rameshbhaiji Oza

DWARKA NA NATH MARA KRSNA MURARI by Rameshbhai Oza

Teri Sharan Prabhu - Rameshbhai Ojha - Sankirtan

Private video

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Shiva Rudrastakam
Shivoham
Giriraj dharan...Rameshbhaiji oza
RAMESHBHAI OZA singing MARA GHATMA BIRAJTA
BHABHUTI RAMAYEE BABA BHOLENATH Rameshbhaiji Oza
DWARKA NA NATH MARA KRSNA MURARI by Rameshbhai Oza
Teri Sharan Prabhu - Rameshbhai Ojha - Sankirtan
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Bhajan Lyrics View All

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल