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Geeta Vatika, Gorakhpur Bhagwat Katha by Sh. Radhapriya ji

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 1 (Gorakhpur, U.P.)

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 2 (Gorakhpur, U.P.)

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 3 (Gorakhpur, U.P.)

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 4 (Gorakhpur, U.P.)

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 5 (Gorakhpur, U.P.)

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 6 (Gorakhpur, U.P.)

Divine Lecture by Radhapriya ji

Divine Lecture by Sh. Radhapriya ji

DIVINE

towards Krishna by Radhapriya

Krishna Bhajan Kirtan

Contents of this list:

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 1 (Gorakhpur, U.P.)
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 2 (Gorakhpur, U.P.)
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 3 (Gorakhpur, U.P.)
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 4 (Gorakhpur, U.P.)
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 5 (Gorakhpur, U.P.)
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radha Priyaji Maharaj - Day 6 (Gorakhpur, U.P.)
Divine Lecture by Radhapriya ji
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towards Krishna by Radhapriya
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दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो