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Divine Lectures by Radhapriya

towards Krishna by Radhapriya

towards Krishna by Radhapriya

Divine Lecture by Radhapriya ji

GOPI GEET BY Rama Chandak ji

Mahamantra Radha Naam - Yugal Mantra

Radha Krishna Sankirtan

Yugal Mantra

Radha Krishna Kirtan

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta

Contents of this list:

towards Krishna by Radhapriya
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Divine Lecture by Radhapriya ji
GOPI GEET BY Rama Chandak ji
Mahamantra Radha Naam - Yugal Mantra
Radha Krishna Sankirtan
Yugal Mantra
Radha Krishna Kirtan
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta

Bhajan Lyrics View All

राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥