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Bhagwat Katha By Radhapriye ji - Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 2, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 3, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 4, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 5, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 6, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 7, Kolkatta

Contents of this list:

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 2, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 3, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 4, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 5, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 6, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 7, Kolkatta

Bhajan Lyrics View All

मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे