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Tum Hi Maan Lo Haar Pravachan by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 8/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 7/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 6/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 5/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 4/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 3/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 2/8

Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 1/8

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Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 8/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 7/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 6/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 5/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 4/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 3/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 2/8
Tum Hi Maan Lo Haar by Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj - Part 1/8

Bhajan Lyrics View All

हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे