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Golden 1980s Lectures by Jagadguru Kripaluji Maharaj

The Ultimate Goal of Life - Kripaluji Maharaj [Subtitled]

O Krishna, Please Give In - Jagadguru Kripaluji Maharaj [Subtitled]

Radha Krishna Leela by Jagadguru Kripaluji Maharaj [Eng Subtitles]

The Appearance of Radha Rani - Kripaluji Maharaj [Eng Subtitles]

Mann Tero Sancho Yaar - Beautiful Bhajan by Kripaluji Maharaj

Jairam Jogi - Kripaluji Maharaj explains a Leela of Shiva and Krishna

Contents of this list:

The Ultimate Goal of Life - Kripaluji Maharaj [Subtitled]
O Krishna, Please Give In - Jagadguru Kripaluji Maharaj [Subtitled]
Radha Krishna Leela by Jagadguru Kripaluji Maharaj [Eng Subtitles]
The Appearance of Radha Rani - Kripaluji Maharaj [Eng Subtitles]
Mann Tero Sancho Yaar - Beautiful Bhajan by Kripaluji Maharaj
Jairam Jogi - Kripaluji Maharaj explains a Leela of Shiva and Krishna

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ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,