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Kirit bhai ji

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Malad, Mumbai (Day 1)

Shri Kirit Bhai Maharaj Hanuman katha - (Surat) :- Day 5

Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 4 (Kishangarh)

Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 3 (Kishangarh)

Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 4 (Kishangarh)

Shri Kirit Bhai Maharaj Hanuman katha - (Surat) :- Day 6

Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 1 (Kishangarh)

Contents of this list:

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Malad, Mumbai (Day 1)
Shri Kirit Bhai Maharaj Hanuman katha - (Surat) :- Day 5
Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 4 (Kishangarh)
Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 3 (Kishangarh)
Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 4 (Kishangarh)
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Shri Kirit Bhai Maharaj Shreemad Bhagwat Katha - Day 1 (Kishangarh)

Bhajan Lyrics View All

तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,