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Srm Bhagwat Katha-Jaya Kishori Ji-Rajasthn-Nov2014

Pali, Rajasthan (7 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Pali, Rajasthan (9 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Pali, Rajasthan (8 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Pali, Rajasthan (10 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Pali, Rajasthan (12 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Pali, Rajasthan (13 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

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Pali, Rajasthan (7 November 2014) | Shrimad Bhagwat Katha | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji
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साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है