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Shreemad Bhagwat Katha By Swami Girishanandji Maharaj in October, 2014

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 1

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 1 (Part-2)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 2 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 2 (Part-2)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 3 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 3 (Part-2)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 4 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 4 (Part-2)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 5 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 6 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 7 (Part-1)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Girishanandji Maharaj Day 7 (Part-2)

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Bhajan Lyrics View All

ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना