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Shrimad Bhagwat Katha by Girishanand Ji Maharaj Part 1

Shrimad Bhagwatam Part 4 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)

Shrimad Bhagwatam Part 3 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)

Shrimad Bhagwatam Part 2 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)

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Shrimad Bhagwat Katha by Girishanand Ji Maharaj Part 1
Shrimad Bhagwatam Part 4 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)
Shrimad Bhagwatam Part 3 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)
Shrimad Bhagwatam Part 2 (Swami Shri Akhandanand Saraswati ji Maharaj)

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बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥