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Sadhvi Chitralekha Deviji Srimad Bhagwatam

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 2 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 3 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 4 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 5 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 6 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 7 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Contents of this list:

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji Day 2 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji Day 3 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 4 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 5 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 6 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 7 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

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ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही