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Devi chitralekha ji

Shrimad Bhagwat Katha By Devi Chitralekha ji (Deviji) At Gau Seva Dham, Hodal-Haryana June 2013-13

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 2

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 1

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 13

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 3

Nandi Par Chad Gora Ke Sang // Superhit Shiv Bhajan \\ Album Name: Chal Gaya Sikka Bhole Ka

Bhaktmal Katha || भक्तमाल कथा || Sadhvi Purnima Ji || Second Day #Bhaktibhajan

Bhaktmal Katha || Sadhvi Purnima Ji or Poonam Didi

Bhaktmal Katha || भक्तमाल कथा || Sadhvi Purnima Ji || Second Day #Bhaktibhajan

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Shrimad Bhagwat Katha By Devi Chitralekha ji (Deviji) At Gau Seva Dham, Hodal-Haryana June 2013-13
Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
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Bhajan Lyrics View All

बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने