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Devi chitralekha ji

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 2

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 1

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 13

Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 3

Nandi Par Chad Gora Ke Sang // Superhit Shiv Bhajan \\ Album Name: Chal Gaya Sikka Bhole Ka

Bhaktmal Katha || Sadhvi Purnima Ji or Poonam Didi

Contents of this list:

Shrimad Bhagwat Katha By Devi Chitralekha ji (Deviji) At Gau Seva Dham, Hodal-Haryana June 2013-13
Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 2
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Gurgaon | Shrimad Bhagavad Katha | Devi Chitralekha | Day 3
Nandi Par Chad Gora Ke Sang // Superhit Shiv Bhajan \\ Album Name: Chal Gaya Sikka Bhole Ka
Bhaktmal Katha || भक्तमाल कथा || Sadhvi Purnima Ji || Second Day #Bhaktibhajan
Bhaktmal Katha || Sadhvi Purnima Ji or Poonam Didi
Bhaktmal Katha || भक्तमाल कथा || Sadhvi Purnima Ji || Second Day #Bhaktibhajan

Bhajan Lyrics View All

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं