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shri ravinandan shastri ji bhagwat katha

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 15

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 16

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 17

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 19

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 20

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 21

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 22

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shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 15
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सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया