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Bajan

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 110

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 109

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 108

shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 107

Contents of this list:

mai samar ke lane aai ho
shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 110
shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 109
shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 108
shri ravinandan shastri ji bhagwat katha part 107

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यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka