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Rajeshwarnand sarswati

SWAMI RAJESHWARANAND JI MAHARAJ

Swami Rajeshwaranand Saraswati Shri Ram katha - 1 Oct 2012 Up. Akhilesh Bilgaiya

RAM KATHA FROM CHITRAKUT PROGRAM BY MAHARAJ SHREE RAJESHWARANAND JI SARWASTI

Swami Rajeshwaranand Saraswati Shri Ram katha - Jai Siya Ram 29 Sep. 2012 Up. Akhilesh Bilgaiya

Pravachan - Shri Rajeshwarnand Ji Maharaj - Day 1 (Prempuri Ashram, Mumbai)

Pravachan - Shri Rajeshwarnand Ji Maharaj - Day 1 (Prempuri Ashram, Mumbai)

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SWAMI RAJESHWARANAND JI MAHARAJ
Swami Rajeshwaranand Saraswati Shri Ram katha - 1 Oct 2012 Up. Akhilesh Bilgaiya
RAM KATHA FROM CHITRAKUT PROGRAM BY MAHARAJ SHREE RAJESHWARANAND JI SARWASTI
Durga Saptashati - Full
Swami Rajeshwaranand Saraswati Shri Ram katha - Jai Siya Ram 29 Sep. 2012 Up. Akhilesh Bilgaiya
Pravachan - Shri Rajeshwarnand Ji Maharaj - Day 1 (Prempuri Ashram, Mumbai)
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Bhajan Lyrics View All

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।