Share this page on following platforms.

Home Gurus Rajendra Das Ji

Shri Ram Katha by Shri Rajendra Das Ji Maharaj in March 2015 At Tikamgarh , M.P

Tikamgarh , M.P ( March 2015) | Shri Ram Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Tikamgarh , M.P (20 March 2015) | Shri Ram Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Tikamgarh , M.P (23 March 2015) | Shri Ram Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Tikamgarh , M.P (24 March 2015) | Shri Ram Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Fatehpur, M.P (26 March 2015) | Shri Bhaktmal Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Fatehpur, M.P (27 March 2015) | Shri Bhaktmal Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला