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Rishikesh | 30 May - 5th June 2014 | Shrimad Bhagvad Katha | Shri Rajendra Das Ji Maharaj

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 1

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 7

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 6

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 5

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 4

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 3

#Sanskar Live | Shri Rajendra Das Ji Maharaj | Shrimad Bhagvad Katha | Rishikesh | Day 2

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Bhajan Lyrics View All

बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥