Share this page on following platforms.

Home Gurus Rajendra Das Ji

Rajendra das ji jaipur

maluk peeth rajendra das ji mahraj(bhagwat part-1)by umabhakti

malukpeeth rajendra dasji maharaj (bhagwat kattha part-2) by umabhakti

malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat part-3)by umabhakti

malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat katha part-4)by uambhakti

malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat katha part-5)by umabhakti

Contents of this list:

maluk peeth rajendra das ji mahraj(bhagwat part-1)by umabhakti
malukpeeth rajendra dasji maharaj (bhagwat kattha part-2) by umabhakti
malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat part-3)by umabhakti
malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat katha part-4)by uambhakti
malukpeeth rajendra das ji maharaj(bhagwat katha part-5)by umabhakti

Bhajan Lyrics View All

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे