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Maluk peeth rajendra das ji mahraj vinay patrika

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maluk peeth rajendra das ji mahraj vinay patrika by umaseries
malukpeeth rajendra das ji mahraj( vinay patrika paart-2) by umaseries
malukpeeth rajendra das ji mahraj( vinay patrika paart-2) by umaseries
maluk peeth rajendra das ji maharaj( vinay patrika part-3)by umabhakti
malukpeeth rajendra das ji mahara(j vinay patrika part-4) by umabhakti
maluk peeth rajendra das ji maharaj( vinay patrika part-5) by umabhakti
Vinay Ptrika//Malukpeeth Shari Rajendra Das ji Maharaj(vinay patrika part=6)by umabhakti
malukpeeth rajendara das ji maharaj (vinay patrika part-7) by umabhakti
malukpeeth rajendra das ji( vinay ptrika=8)by umabhakti
Vinay Patrika //Maluk Peeth Shri Rajendra Das ji Maharaj(vinay ptrika=9)by umabhakti
Vinay Ptrika//Maluk Peeth Shri Rajendra Das ji Maharaj(vinay patrika=10)
Vinay Ptrika//Malukpeeth Shri Rajendra Das ji Maharaj(vinay Patrika part=11

Bhajan Lyrics View All

श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई