Share this page on following platforms.

Home Gurus Radhakrishnaji

Shreemad Bhagwat Katha By Radhe Krishnaji Maharaj in Novenber 2014 At Sangamner

Shreemad Bhagwat Katha - Radhe Krishnaji Maharaj (Sangamner)

Shreemad Bhagwat Katha - Radha Krishnaji Maharaj (Sangamner) Day 2

Shreemad Bhagwat Katha - Radha Krishnaji Maharaj (Sangamner) Day 3

Shreemad Bhagwat Katha - Radha Krishnaji Maharaj (Sangamner) Day 4

Shreemad Bhagwat Katha - Radha Krishnaji Maharaj (Sangamner) Day 5

Shreemad Bhagwat Katha - Radha Krishnaji Maharaj (Sangamner) Day 6

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है